2620 मरीज में मात्र 210 बेड, 675 का घर में ही इलाज, 1 माह में सीरियस होने पर भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर 32 की मौत - AKB NEWS

2620 मरीज में मात्र 210 बेड, 675 का घर में ही इलाज, 1 माह में सीरियस होने पर भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर 32 की मौत

अनिता गुप्ता, राज्य में हर दिन कोरोना संक्रमितों की मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इसमें रांची जिला भी शामिल है। संक्रमितों की मौत के कारणाें के बारे में पता चला कि गंभीर रूप से पीड़ित संक्रमितों को समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से मौतें हुईं। जब इलाज की जरूरत थी, तब इन्हें हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया गया। जब हॉस्पिटल पहुंचे तो उन्होंने दम तोड़ दिया। पिछले 50 दिनों की बात करें तो रिम्स के कोविड वार्ड में 31 संक्रमितों की जान हॉस्पिटल में भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर चली गई। इन 30 संक्रमितों में रांची के 24 और अन्य 6 पलामू, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, जमशेदपुर और गिरिडीह के है।

परिजनों ने कहा- घर में मरीजों को देखने नहीं आते हैं डॉक्टर पिस्का मोड़ के रहने वाले 50 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति की मौत समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण हुई थी। परिजनों ने बताया कि संक्रमित होने पर इलाज के लिए हॉस्पिटल का चक्कर लगाते रहे। बेड नहीं होने के कारण उन्हें कहीं भर्ती नहीं किया गया। घर में ऑक्सीजन लगाकर रखा गया था। इस दौरान कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया। इससे स्थिति और गंभीर हो गई। जब हॉस्पिटल लेे जाने लगे ताे रास्ते में ही मरीज की मौत हो गई।

सबसे अधिक रांची के मरीजों की मौत

रांची में रिम्स, सीसीएल और पारस अस्पताल में गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। रिम्स में 100 बेड, पारस में 50 और सीसीएल में 60 बेड है। यानी कुल 210 बेड ही हैं।

बेड नहीं बढ़े तो स्थिति होगी गंभीर

30 जून तक संक्रमितों की संख्या 226 थी

अभी रांची में बढ़कर 5268 हो गई है।

1 जुलाई के बाद रांची में 5336 संक्रमित बढ़े हैं

5268 संक्रमितों में से 2891 रिकवर हो चुके हैं।






from Dainik Bhaskar
Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads