शराब माफिया के गढ़ में पुलिस ने खानापूर्ति के लिए छापा मारा, सामान जब्त, गिरफ्तारी नहीं - AKB NEWS

शराब माफिया के गढ़ में पुलिस ने खानापूर्ति के लिए छापा मारा, सामान जब्त, गिरफ्तारी नहीं

डीजीपी के आदेश पर शराब माफियाओं के खिलाफ रांची सहित राज्य भर में एक नवंबर से सघन छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। अभियान से पहले ही दैनिक भास्कर ने अपनी पड़ताल में शनिवार के अंक में बता चुका है कि शहर में करोड़ों रुपए का अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को टाटीसिलवे पुलिस ने अनगड़ा और टाटीसिलवे बाॅर्डर ढेलुवाखूंटी जंगल के टीटीटांगर में छापेमारी की।

पुलिस का कहना है कि जब तक हम पहुंचते उससे पहले ही जंगल का फायदा उठाकर शराब माफिया भाग निकले। पुलिस को जंगल में शराब की भट्ठी, 1000 किलो जावा महुआ और कई प्लास्टिक की पानी टंकियां मिली, जिसमें जावा महुआ फुला कर रखा गया था। पुलिस ने जंगल में बन रही शराब की भट्ठी व जावा महुआ को नष्ट किया। प्लास्टिक की टंकियों को तोड़ गया। शराब बनाने के जितने भी सामान मिले, उसमें पुलिस ने आग लगा दी।

उलातु, बहेया, होरहाप, डुमरटोली और सिल्वे डोल में चल रहा धंधा

टाटीसिलवे के कई इलाकों में अभी भी अवैध शराब का धंधा चल रहा है। उलातु, बहेया, होरहाप, डुमरटोली और सिल्वे डोल मेला के आसपास के इलाके में माफिया अवैध शराब के धंधे में लिप्त हैं। लेकिन, पुलिस सिर्फ एक जगह पर छापेमारी कर 10 क्विंटल जावा महुआ, कुछ प्लास्टिक की टंकियों व शराब बनाने के सामान नष्ट कर वापस लौट आई।

जबकि, इस क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर यह धंधा चल रहा है। टाटीसिलवे के आसपास लगने वाले ठेले व होटल अवैध शराब का बाजार है, जहां बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा है। इसमें बेरोजगार युवा शामिल हैं। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए माफियाओं ने महिलाओं को भी शामिल कर लिया है, जो तैयार माल बेचने का काम कर रहीं हैं।

अवैध और नकली शराब बिकने से राज्य सरकार के राजस्व में आई कमी

एक से 14 नवंबर तक पूरे राज्य में शराब माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाना है। डीजीपी के आदेश पर रविवार को रांची जिले के कई इलाकों में पुलिस ने छापेमारी की तैयारी की है। थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि शराब के अड्डे पकड़ने के साथ-साथ धंधा चलाने वालों को भी गिरफ्तार किया जाए, ताकि इस पूरे सिंडिकेट को तोड़ा जा सका।

अवैध शराब के धंधे की वजह से सरकारी दुकानों पर बिकने वाली शराब की बिक्री में भारी कमी आ गई है। अवैध शराब कारोबारियों की वजह से सरकार का राजस्व में भी बड़ी कमी आई है। वहीं, अवैध शराब जो छोटे-छोटे होटलों में व ठेलो में बिक रहे हैं, उनकी वजह से अपराध भी बढ़े हैं। इसके बाद भी पुलिस और उत्पाद विभाग इन जगहों पर कार्रवाई नहीं करती।




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