अनुमति के बगैर कोलकाता जाने और कोरोना संक्रमण फैलाने पर मांगा जवाब
वैश्विक महामारी काेराेना काे लेकर आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन नहीं करने तथा काेविड-19 के संक्रमण काे लेकर लापरवाही बरतने के आराेप में निरसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्री कृष्ण गुप्ता को शो-कॉज किया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अध्यक्ष सह उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने बगैर अनुमति राज्य के बाहर काेराेना संक्रमित रेडजाेन काेलकाता जाने और वहां से लाैटने के बाद संक्रमण काे लेकर सावधानी नहीं बरतने के आराेप में डाॅ गुप्ता से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उपायुक्त का कहना है कि 24 घंटे के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 तथा दी झारखंड स्टेट एपिडेमिक डिजीज (कोविड-19) रेगुलेशन 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वे 2 सवाल... जिन पर मांगा गया जवाब
छुट्टी रद्द थी, फिर भी कोरोना के रेडजोन चले गए
डीसी का कहना है कि निरसा सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डॉ गुप्ता 12 जून 2020 को काेराेना संक्रमित क्षेत्र काेलकाता गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों का 30 जून तक अवकाश रद्द कर दिया था। अति आवश्यक परिस्थिति में डीसी से स्वीकृति के बाद ही अवकाश या मुख्यालय छाेड सकते हैं। इसके बावजूद डाॅ गुप्ता ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग काे बगैर बताए नियमाें का उल्लंघन किया। कोलकाता जाने के लिए न अनुमति ली और न परिवहन विभाग से ई-पास ही बनवाया था।
डॉ. गुप्ता से 20 लोगों में फैला कोरोना का संक्रमण
डीसी का कहना है कि डाॅ गुप्ता पर काेविड-19 के निर्देशाें का सही से अनुपालन नहीं करने का आरोप है। चिकित्सक हाेते हुए भी संक्रमण काे लेकर लापरवाही बरती और समाराेह में भी गए। कोलकाता से लौटने के बाद डॉ गुप्ता और उनके परिजनों को कोविड-19 के निर्देशानुसार स्वाब जांच कराते हुए इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन या आइसोलेशन में रहना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया जो आईसीएमआर गाइडलाइन का उल्लंघन है। उनके इस गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से 20 लोगों में कोरोना का संक्रमण फैला गया।
from Dainik Bhaskar

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