सरकार कृषि लोन माफ करे या उसकी वसूली करे : मुखिया
झारखंड सरकार किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण ना तो माफ कर रही है और ना उसकी वसूली कर रही है। इस हालत में ऋण की राशि बढ़कर एक भारी-भरकम राशि में बदल जाएगी। जिसको चुका पाना किसानों वश की बात नहीं होगी। कांडी पंचायत के मुखिया विनोद प्रसाद ने कहा कि झारखंड में सत्तासीन झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की थी। यह सरकार के एजेंडा में शामिल है कि नहीं वे नहीं कह सकते। लेकिन इतना जरूर है कि इस के अनुरूप किसानों ने ऋण चुकाना छोड़ दिया है।
उन्होंने सोचा कि सरकार जब कृषि ऋण माफ कर ही रही है तो इसे चुकाने की मशक्कत करने की क्या जरूरत है। इधर हालत है कि न तो सरकार कृषि ऋण माफ कर रही है और ना उसकी वसूली कर रही है। मुखिया ने कहा कि उन्होंने झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की कांडी शाखा में इस बाबत पूछताछ किया कि इस संबंध में कोई चिट्ठी आई है या नहीं। बैंक के शाखा प्रबंधक ने कहा कि इस मामले को लेकर किसी तरह की कोई सूचना बैंक को प्राप्त नहीं है। ऐसी हालत में किसानों द्वारा लिया गया छोटा कृषि ऋण भी बड़ी राशि में बदल जाएगा। जो किसानों के द्वारा चुकाया नहीं जा सकता। इसीलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि या तो कृषि ऋण माफ करें या उसकी वसूली करें।
from Dainik Bhaskar

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